रेस्क्यू की गई महिलाओं को तुरंत मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया। इसके बाद उन्हें एक पुनर्वास केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के हवाले कर दिया गया है।
क्या कहती है पुलिस?
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है:
“हमारी प्राथमिकता महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालना था, जो हमने सफलतापूर्वक किया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।”
क्या यह रैकेट बड़े नेटवर्क से जुड़ा है?
पुलिस को शक है कि यह सिर्फ एक छोटा हिस्सा है और इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है। गिरफ्तार दलालों से पूछताछ के बाद कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 370 (मानव तस्करी), 372 (लड़कियों की खरीद–फरोख्त), और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी मांगी, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
